What is Accounting (लेखांकन क्या है )

एकाउंटिंग का हिंदी अर्थ है लेखांकन , लेखांकन दो शब्दों से मिलकर बना है  लेख + अंकन  जहाँ  लेख का  सन्दर्भ लिखने तथा अंकन का अर्थ अंको से लिया गया है यदि इस वाक्य को परिभाषित किया जाये तो 
लेखांकन किसी व्यक्ति , समूह ,या समुदाय द्वारा किये वित्तीय खर्च को अंको के रूप में विवरण प्रस्तुत करने की एक विधि है 
 नोट –  यदि आप टैली में एकाउंटिंग सिख रहे तो आपको कुछ शब्दों के परिभाओ से परिचित होना पड़ेगा जिससे आपको एकाउंटिंग सीखते समय कठिनाई न हो  , एकाउंटिंग से जुड़े कुछ परिभाषाएं निचे लिखे गए है
  1. Business  – धन कमाने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति द्वारा कीया कार्य Business कहलाता है 
  2. Capital – कैपिटल का हिंदी अर्थ पूँजी होता है जो किसी व्यवसाय  को शुरू करने के लिए जरुरी है 
  3. Capital Account  – पूंजीपती के खाते को कैपिटल अकाउंट के नाम से जाना जाता है 
  4. Debtors – इस शब्द का हिंदी अर्थ कर्जदार होता है अर्थात जिससे व्यवसाय में निश्चित राशी लेनी होती है उसे Debtors कहा जाता है 
  5. Creditors – इस शब्द का हिंदी अर्थ करदाता होता है अर्थात जिसको  व्यवसाय में निश्चित राशी देनी होती है उसे Creditors कहा जाता है 
  6. Business Transaction – यह एक वित्तीय घटना है जो किसी व्यवसाय में सामानों के विक्री और खरीद विवरण को दर्शाता है 
  7. Cash Transaction – किसी व्यवसाय में हुए सभी नकद  के रूप में लेन -देन को Cash Transaction कहा जाता है  
  8. Financial year – किसी वर्ष के 31 मार्च और 1 अप्रैल के बीच के समय को Financial year (वित्तीय वर्ष )
  9. Financial Expense – किसी व्यवसाय में पुरे वर्ष में हुए खर्च को Financial Expense कहा जाता है 
  10. Liability- यह वह धन होता है जो दुसरो द्वारा व्यवसाय में दिया जाता है जैसे बैंक द्वारा लिया गया लोन 
  11. Ledger- इस शब्द का अर्थ अकाउंट होता है इसके माध्यम से किसी व्यक्ति या वास्तु का विवरण व्यसाय में रखा जाता है 
  12. profit – जब व्यवसाय में हमें किसी वस्तु की बिक्री करने पर खरीद से अधिक राशी प्राप्त हो तो उस राशी को प्रॉफिट कहा जाता है 
  13. Loss – जब व्यवसाय में हमें किसी वस्तु की बिक्र करने पर खरीद से कम  राशी प्राप्त हो तो उस राशी को loss  कहा जाता है 
  14. Goods –  जिन वस्तुओ का प्रयोग का हम व्यवसाय करते है उसे गुड्स कहा जाता है 
  15. Assets – यह महंगे वस्तुओ को परिभाषित करता है जैसे फर्नीचर , vehicle , इमारते इत्यादि 

अकाउंट कितने प्रकार के होते है ( How many type of Accounts )

टैली में अकाउंट को तीन भागो में बांटा गया है 
  1. Personal Account – सभी व्यक्ति ,समुदाय, या समूह जैसे ट्रस्ट ,बैंक या कंपनियों के खाते को पर्सनल अकाउंट कहा जाता है उदहारण – Vijay,Manoj, sales A/C ,sbi Bank इत्यादि 
  2. Real Account  – इसके अंतर्गत सभी महँगी वस्तुए और सामान शामिल होते है जैसे – Cash A/C ,Furniture,Building A/C 
  3. Nominal Account  – व्यवसाय से सम्बंधित सभी आय और खर्च Nominal account के अंतर्गत आते है जैसे –   Salary A/C , Rent A/C Payment A/C ,  Electricity Bill A/C etc 
                                              
  Pages  – .2   3   4   … Next