Internet क्या है 

Internet दुनिया के सभी कम्पुटरो को एक साथ जोड़ने तथा उनके मध्य सूचनाओ का आदान -प्रदान करने का  सबसे आसान माध्यम है अर्थात  –  इंटरनेट एक येसी प्रणाली है जो विश्व स्तरीय कंप्यूटर नेटवर्क को एक साथ जोड़ने का कार्य करता है तथा उनके बिच संचारण स्थापित करता है , इन्टरनेट से सम्बंधित अध्याय हम इसी पोस्ट में पढेंगे उससे पहले हम ये जानते है की कंप्यूटर नेटवर्क क्या होता है 

Computer Network क्या है 

जब एक या एक से अधिक कंप्यूटर एक दुसरे से कंप्यूटिंग device के माध्यम से जुड़े रहते है और उनके विच सूचनाओ का संचारण होता रहता है , कंप्यूटर के इस जुड़ाव को कंप्यूटर नेटवर्क कहते है 
कंप्यूटर नेटवर्क मुख्यतः तीन प्रकार के होते है 
  1. LAN ( Local Area Network )
  2. MAN ( Metropolitan Area Network ) 
  3. WAN ( Wide Area Network )  

LAN ( Local Area Network )

यह एक ऐसा नेटवर्क है जो एक सिमित क्षेत्र तक फैला रहता है इस नेटवर्क की दुरी लगभग एक किलो मीटर तक की होती है लोकल एरिया नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर की संचारण गति सभी नेटवर्क के अपेक्षा तीव्र होती है इस नेटवर्क का  प्रयोग छोटे स्तर की कंपनियां तथा निजी प्रयोग के लिए किया जाता है 

MAN (Metropolitan Area Network )

यह एक से अधिक LAN का ऐसा जुड़ाव है जो एक नगर से दूसरे नगर तक फैला रहता है इस नेटवर्क के अंतर्गत दो या दो से अधिक LAN नेटवर्को का समूह आता है जिनके मध्य सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाता है इस नेटवर्क के संचारण की गति Lan के अपेक्षा धीमी होती है यह एक secure नेटवर्क है MAN नेटवर्को की नेटवर्किंग केबलों के माध्यम से किया जाता है 

WAN (Wide area Network)

इस नेटवर्क के अंतर्गत Lan और Man दोनों नेटवर्क आते है अर्थात जब एक से अधिक Man नेटवर्को का जुड़ाव एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक होता है ,ऐसे नेटवर्क Wan नेटवर्क कहलाते है Wan दुनिया के सभी छोटे – छोटे कंप्यूटर नेटवर्को को एक साथ जोड़ता है वर्तमान में Internet इसका सबसे बड़ा उदाहण है Wan नेटवर्क टेलीफोन लाइन , मानव निर्मिंत satellite , Route ,Bridge इत्यादि कंप्यूटिंग यंत्रो की सहायता से जुड़े होते है 

कंप्यूटर नेवटर्क के गुण 

 एक कंप्यूटर नेटवर्क user को अलग – अलग माध्यम से आसानी और कुशलता पूर्वक संवाद करने की अनुमति देने वाले पारस्परिक संचार  सुविधा प्रदान करता है जैसे ऑनलाइन मार्केटिंग , ऑनलाइन चैटिंग ,वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इत्यादि 

History of Network (इंटरनेट का इतिहास )

कंप्यूटर नेटवर्किंग की शुरुआत सन 1969 से शुरू हुआ सबसे पहले कंप्यूटर नेटवर्किंग अमेरिका के रक्षा विभाग के उन्नत अनुसंधान कंपनी ARPA (advance Research Project Agency ) द्वारा चार कंप्यूटरो को आपस में जोड़कर किया गया उस समय उन नेटवर्को का प्रयोग युद्ध के समय अमेरिकी सैनिको को गुप्त सन्देश भेजने में किया जाता था परन्तु कंप्यूटर नेटवर्क के गुणों से अवगत होने के बाद लोग कंप्यूटर नेटवर्किंग व्यक्तिगत रूप से प्रयोग करने लगे | 
वैसे तो कम्यूटर नेटवर्किंग 1969 में शुरू हो गया था परन्तु नेटवर्किंग कण्ट्रोल 1970 से लागु किया गया सन 1980 के शुरुआत में NSF (National Science Foundation ) यह ARPANet के बाद दूसरी संस्था थी जिसे कंप्यूटर नेटवर्किंग का श्रेय दिया जाता है , ने कई विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटर नेटवर्किंग की स्थापना की , सन 1986 में NSFNET (National Science Foundation Network) ने अपने प्रोजेक्ट के साथ कंप्यूटर नेटवर्किंग की सुविधा प्रदान की तथा सन 1990 में NSFNET को पूर्ण रूप से विस्थापित कर दिया गया वर्तमान समय में  नई  तकनिकी के साथ दुनिया के सभी कम्पूटर एक साथ किसी न किसी माध्यम से एक दूसरे से जुड़े है जिसे आज इंटरनेट(Internet)के नाम से जाना जाता है और यह दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है 

दुनिया के सभी कंप्यूटर इन्टरनेट से कैसे जुड़े है 

यदि आप सोच रहे है की दुनिया के सभी कंप्यूटर एक दुसरे से satellite के द्वारा या wifi के द्वारा जुड़े है तो आप गलत सोच रहे है ,दुनिया के 99% कंप्यूटर नेटवर्क केबल के माध्यम से जुड़े है 

ISP ( Internet Service Provider ) अर्थात जो  हमें इंटरनेट की सुवधा देती है वे कम्पनिया नेटवर्क केबल ऑपरेटर कंपनियों से या तो साँझा कर लेती है या तो अपना खुद का बजट लगाकर एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक नेटवर्क केबल जोड़ती है यह नेटवर्क केबल समुन्द्रो के रास्ते होकर दूसरे देशो तक फैला होता है  समुंद्री नेटवर्क केबल जोड़ने वाली कम्पनिया तीन प्रकार की होती है

  1. Tier -1 यह एक ऐसी कंपनी है जो समुन्द्र के रास्ते फाइबर ऑप्टिकल केबल सभी महाद्वीपों तक फैलाती है और दुनिया के सभी नेटवर्को को एक साथ जोड़ती है 
  2. Tier -2यह कंपनी किसी देश के नेटवर्क को आपस में कनेक्ट करती है और विदेशी नेटवर्को के कनेक्शन लेने के लिए Tier -1 कंपनी से मदद लेती है Tier -2 कंपनी के कारण हम अपने देश में इंटरनेट की सुविधा प्राप्त करते है 
  3. Tier -3  –  यह कंपनी किसी देश के राज्य के सीमाओं  के मध्य केबल लगाती है ताकि इंटनेट की गति को तेज किया जा सके 

Internet काम कैसे करता है 

दुनिया के सभी लोग जब उन्हें किसी जानकारी की आवश्यकता होती है तो वो सर्च इंजन(google) पर टाइप करते है और उन्हें पल भर में जवाब मिल जाता है दरसल 
जब हम गूगल पर कुछ टाइप करते है तो सबसे पहले ISP (Internet Service Protocol) जैसे (jio,Airtel,Idea) वह सूचना गूगल के पास भेजता है ,उसके बाद गूगल उस सुचना को अपने सर्वर पर खोज कर उसका परिणाम उसी ISP के सर्वर पर भेज देता है और ISP वह सुचना हमारे सर्वर पर भेज देता है ये सभी कार्य प्रकाश के चाल से भी तेज होता है इस लिए हमें समय कितना लग रहा है पता नहीं चलता 


कंप्यूटर नेटवर्क  के तत्व (Elements Of Computer’s Network )  

कंप्यूटर  नेटवर्किंग के लिए विभिन्न तत्वों को होना आवश्यक होता है जो एक कंप्यूटर नेटवर्क को पूर्ण बनाते है जो निम्न लिखित है 
  1. सर्वर (Server)
  2. नोड (Node) / Client 
  3. नेटवर्क केबल (Network cable)
  4. नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्ट(Network Operating System)
  5. नेटवर्क कार्ड (Network Card)
  6. प्रोटोकॉल (Protocol)
  7. मॉडेम ( Modem ) 
  8. राऊटर (Router)

सर्वर-Server

Server किसी कंप्यूटर नेटवर्क का मुख्य कंप्यूटर होता है यह कंप्यूटर नेटवर्क में एक केन्द्रीय कंप्यूटर के रूप में कार्य करता है नेटवर्क के सभी कंप्यूटर सर्वर कंप्यूटर ( CPU ) से जुड़े होते है  

नोड –Node / Client 

किसी कंप्यूटर नेटवर्क में सर्वर के अतिरिक्त सर्वर से जितने भी कंप्यूटर जुड़े होते है उसे नोड या क्लाइंट कंप्यूटर कहा जाता है 

नेटवर्क केबल –Network cable

कंप्यूटर नेटवर्किंग जिन तारो के माध्यम से किया जाता है अर्थात कंप्यूटर को एक दुसरे से जिन तारो के सहायता से जोड़ा जाता है उसे नेटवर्क केबल कहा जाता है 

नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्ट –Network Operating System

यह एक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है जो नेटवर्क के सर्वर कंप्यूटर में इंस्टाल किया जाता है यह सॉफ्टवेयर सर्वर तथा क्लाइंट कंप्यूटर के मध्य संचारण स्थापित करता है 

नेटवर्क कार्ड –Network Card 

नेटवर्क कार्ड कंप्यूटर के motherboard में लगा एक Device है जो नेटवर्क केबल के द्वारा सभी कोम्पुटर को आपस में जोड़ता है 

प्रोटोकॉल –Protocol

प्रोटोकॉल कंप्यूटर नेटवर्क के मध्य  नियमो तथा निर्देशों का एक समूह होता है जो नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर के बिच सूचना आदान – प्रदान करने के अनुमति देता है प्रोटोकॉल ही निर्धारित करता है सुचना किसी दूसरे कंप्यूटर तक किस रूप में भेजना तथा प्राप्त करना है 

मॉडेम -Modem 

मॉडेम एक ऐसा कम्प्यूटिंग डिवाइस जो सूचनाओं को एनालॉग तथा डिजिटल रूप में परिवर्तित करता है 
मॉडेम ( Modem ) दो शब्दों से मिलकर बना है Modulator तथा Demodulator जब सुचना डिजिटल रूप से एनॉलॉग रूप में परिवर्तित किया जाता है तो मोडलेटर कहलाता है तथा जब सुचना एनॉलॉग से डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जाता है तो Demodulator कहलाता है  , मॉडेम प्रत्येक क्लाइंट कंप्यूटर के पास लगाया जाता है 

राउटर –Router 

राउटर एक येसा device जो सूचनाओ को पैकेट के रूप में परिवर्तित करता है राउटर अलग नेटवर्क को एक साथ जोड़ता है Router का प्रयोग wireless नेटवर्किंग में भी प्रयोग किया है 

What is Network Topology- नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है

टोपोलॉजी किसी नेटवर्क के कंप्यूटर को एक दुसरे से जोड़ने का नक्शा(Layout) निर्धारित करता है 
अर्थात टोपोलॉजी ही निर्धारित करता है की नेटवर्क के सभी कंप्यूटर एक दुसरे से किस प्रकार जुड़े हुए है 
Topology के मुख्य पांच प्रकार है 
” Geometric Arrangement of Computer Network is Called Topology ” 
  1. Ring Topology
  2. Bus Topology 
  3. Star Topology 
  4. Mesh Topology 
  5. Tree Topology 

Ring Topology 

इस टोपोलॉजी में कोई भी Host(मुख्य) कंप्यूटर नहीं होता है रिंग टोपोलॉजी कंप्यूटर नेटवर्किंग का वह नक्शा है जिसमे सभी कंप्यूटर एक दुसरे एक गोलाकार आकृति में जुड़े रहते है इस टोपोलॉजी को सर्कुलर नेटवर्क के नाम से भी जाना जाता है एसे नेटवर्क में कंप्यूटर के मध्य सुचना संचरण की गति सामान्य होती है 


Advantage (लाभ) 

  1. यह नेटवर्क कुशलता से सुचनाओ का अवागमन करता है क्यों की इसमें कोई Host ( मुख्य ) कंप्यूटर नहीं होता है 
  2. इस नेटवर्क के यदि एक लाइन कंप्यूटर कार्य करना बंद कर दे तो दूसरी लाइन के कंप्यूटर से कार्य किया जा सकते है 

Disadvantage (हानि )

  1. इसकी गति नेटवर्क के कंप्यूटर की संख्या पर निर्धारित करता है यदि नेटवर्क में कंप्यूटर कि संख्या कम होगी तो गति अधिक होगा और यदि संख्या अधिक होगा तो गति धीमी हो जाती है 
  2. इस टोपोलॉजी की नेटवर्किंग करने में जटिल सॉफ्टवेर की आवश्यकता होती है 

Bus Topology

यह नेटवर्क का येसा नक्शा है जिसमे सभी कंप्यूटर एक ही तार में जुड़े होते है , तार के अंत में सूचनाओ को नियंत्रण करने वाला एक विशेष यन्त्र लगा होता है जिसे Terminator कहा जाता है 

Bus Topology 


Advantage (लाभ)

  1. बस टोपोलॉजी को Install करना आसान होता है 
  2. इस टोपोलॉजी में नेटवर्किंग करते समय केबल कम खर्च होते है 

Disadvantage (हानि) 

  1. इस टोपोलॉजी में किसी एक कंप्यूटर के खराबी से सारा संचार रुक जाता है 
  2. कनेक्शन टूटने के बाद दुबारा कनेक्शन में कठिनाई होती है 

Star Topology 

इस टोपोलॉजी में एक मुख्य कंप्यूटर होता है जिसे सीधे कंप्यूटिंग यंत्रो की सहायता से जोड़ दिया जाता है लोकल कंप्यूटर एक दुसरे से सीधे नहीं जुड़े नहीं वे कंप्यूटिंग यंत्रो के द्वारा होस्ट कंप्यूटर से जुड़े होते है 

Advantage (लाभ)

  1. इस नेटवर्क टोपोलॉजी में एक कंप्यूटर से दुसरे नेटवर्क कंप्यूटर तक तार लगाने में लागत कम लगती है 
  2. यदि इसमें किसी एक कंप्यूटर ख़राब हो जाता है तो दुसरे कंप्यूटर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता 

Disadvantage (हानि)

  1. यह पूरा नक्शा मुख्य कंप्यूटर पर निर्भर करता है 
  2. यदि होस्ट कंप्यूटर ख़राब हो जाये तो पूरा नेटवर्क का संचारण रुक जाता है 

Mesh Topology

यह कंप्यूटर नेटवर्किंग का  एसा नक्शा होता है जिसमे कंप्यूटर नेटवर्क के सभी क्लाइंट कंप्यूटर एक दुसरे से अप्रत्यक्ष रूप से एक दुसरे से  जुड़े होते है तथा इस टोपोलॉजी में सभी कंप्यूटर मुख्य भूमिका में कार्य करते है 

Mesh Topology 

Advantage (लाभ)

  1. मेस टोपोलॉजी में किसी भी क्लाइंट कंप्यूटर का डाटा दुसरे क्लाइंट कंप्यूटर तक आसानी से मंगाया जा सकता है 
  2. इन नेटवर्क में कम्युनिकेशन गति तीव्र होती है 

Disadvantage (हानि)

  1. इस प्रकार के नेटवर्क नक्शे को तैयार करना कठिन होता है 
  2. इसमें बजट काफी लगता है 

Tree Topology 

ट्री टोपोलॉजी एक से अधिक टोपोलॉजी का समूह होता है इसमें बस तथा स्टार टोपोलॉजी दोनों के गुण विद्यमान होते है 

Tree Topology 

Advantage (लाभ)

  1. इस टोपोलॉजी में एक से अधिक टोपोलॉजी जुड़े होने के कारण प्रत्येक खंड के लिए अलग अलग तार लगाने की आवश्यकता पड़ती है 
  2. इसमें अलग व्यवसाय के लोग जुड़ कर एक साथ व्यापार कर सकते है 

Disadvantage (हानि)

  1. यदि नेटवर्क का Backbone line टूट जाता है तो पूरा नेटवर्क खराब हो जाता है 
  2. अन्य टोपोलॉजी के अपेक्षा इसमें तार लगाना तथा सॉफ्टवेयर इंस्टाल करना कठिन होता है 

Protocol  क्या है ये कितने प्रकार  के होते है 

प्रोटोकॉल इन्टरनेट पर दो सर्वर के मध्य सूचना प्रसारण करने का एक नियम तथा निर्देश होता है , जो निरधारित करता है की हमें सूचना कहा से प्राप्त करना है और कहा भेजना है बिना प्रोटोकॉल के इन्टरनेट पर  सूचना संचार असम्भव है 

Protocol के प्रकार 

इंटरनेट पर अलग अलग प्रोटोकॉल का प्रयोग अलग अलग सूचनाओ को नियंत्रण करने तथा ट्रान्सफर करने लिए किया जाता है जिनमे कुछ प्रोटोकॉल निम्न है  
  1. TCP (Transmission Control Protocol)
  2. IP  Internet Protocol 
  3. FTP ( File Transfer Protocol )
  4. HTTP ( Hyper Text Transfer Protocol
  5. SMTP (Simple mail Transfer Protocol)
  6. POP ( Post Office Protocol )
  7. PPP ( Point to Point Protocol )
  8. Ethernet 
  9. Telnet 

TCP (Transmission Control Protocol )

TCP एसा प्रोटोकॉल है जिसका प्रयोग इन्टरनेट पे सर्वाधिक किया जाता है यह इन्टरनेट पर डाटा ट्रान्सफर करने में सहायक होता है किसी डाटा को किसी दुसरे लोकेशन पर भेजने के लिए TCP प्रोटोकॉल का प्रयोग किया है तथा यही डाटा को ट्रान्सफर करने की गतिविधियों को भी नियंत्रण करता है 

IP  (Internet Protocol)

इन्टरनेट पर यदि हमें किसी दुसरे सर्वर पर कोई सूचना ट्रान्सफर करना होता है तो हमें एक पते का आवश्यकता होता है जिसे IP Address कहा जाता है इन्टरनेट प्रोटोकॉल उसी IP address को नियंत्रण करता है यह प्रोटोकॉल सभी प्रकार के डिवाइस में एक सामान लागु होता है चाहे वह Pc( Personal Computer ) हो ,मोबाइल फ़ोन हो या सुपर कंप्यूटर 

FTP ( File Transfer Protocol ) 

यह प्रोटोकॉल फाइल को एक सिस्टम से दुसरे सिस्टम में कॉपी करने के लिए प्रोयोग किया जाता है यह प्रोटोकॉल मल्टीमीडिया , Text File , Image इत्यादि फाइल को एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर तक भेजता है 

HTTP ( Hyper Text Transfer Protocol ) 

यह इन्टरनेट पर प्रयोग होने वाला सबसे महत्वपूर्ण प्रोटोकॉल है यह एक एप्लीकेशन प्रोटोकॉल है जिसका प्रयोग वेब ब्राउज़र की address बार में www के पहले किया जाता है यह प्रोटोकॉल यूजर द्वारा address बार में डाले जाने वाले वेबसाइट के address तक पहुचाने का कार्य करता है HTTP का प्रयोग दो या दो से अधिक कम्पूटर के बीच hyper टेक्स्ट को ट्रान्सफर करने के लिए किया जाता है hyper टेक्स्ट वह टेक्स्ट होता है जिसे HTML नामक भाषा का उपयोग करके लिखा जाता है 

SMTP (Simple mail Transfer Protocol)

इस प्रोटोकॉल को आउटगोइंग ई- मेल भेजने के लिए डिज़ाइन किया गया है यह प्रोटोकॉल TCP connection का प्रयोग करते हुए दो सिस्टम के बीच में मेल का आदान – प्रदान करता है 

POP ( Post Office Protocol )

इस प्रोटोकॉल का प्रयोग ईमेल को डाउनलोड तथा अपडेट करने के लिए किया जाता है 

PPP ( Point to Point Protocol )

इस प्रोटोकॉल का प्रयोग सर्विस प्रोवाइडर द्वारा अपने ग्राहकों को इन्टरनेट से कनेक्ट करने के लिए किया जाता है 

Ethernet 

ईथरनेट LAN कम्युनिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सवसे लोकप्रिय प्रोटोकॉल है यह डिजिटल पैकेट में जानकारी को ट्रान्सफर करता है इस प्रोटोकॉल का प्रयोग करने वाले प्रत्येक कंप्यूटर में NIC (Network Interface Card ) कार्ड लगा होता है 

Telnet 

टेलनेट नियमो का एक समूह है जिसका प्रयोग एक कंप्यूटर को दुसरे कंप्यूटर से जोड़ने के लिए किया जाता है इस connection की प्रक्रिया को रिमोट लॉग इन कहा जाता है  यह एक एसा प्रोटोकॉल है जिसका प्रयोग इन्टरनेट पर कार्य कर रहे किसी यूजर को दूर किसी यूजर के कंप्यूटर से जोड़ता है 

नेटवर्क केबल क्या होता है (What is Network Cable)

Computer Networking करने के लिए जिन तारो की आवश्यकता होती है उन्हें नेटवर्क केबल कहा जाता है जिनमे कुछ निम्नलिखित है 
नोट – नेटवर्किंग Wireless भी किया जाता है 
  1. Twisted Pair Cable 
  2. Co- axial Cable 
  3. Fiber Optical Cable 
  4. Ethernet Cable 

Twisted Pair Cable 

यह एक ऐसा केबल है जिसमे ताम्बे के दो तार होते है जिनके ऊपर प्लास्टिक के परत चढ़ी होती है यह तार आपस में लिपटे रहते है और संतुलित माध्यम बनाते है यह संकेतो को रिपीटर के बिना लम्बी दूरी तक ले जाने में सक्षम है 



Co- axial Cable

इस केबल के केंद्र में एक तांबे का तार निकला होता है जिसके माध्यम से सिग्नल के संचार डाटा प्रवाहित होते है तथा उस तार के ऊपर प्लास्टिक का लेयर होता है उसके बाद ताम्बे के तार की जाली होती है इस केबल का सर्वाधिक प्रयोग टीवी संचार के प्रदर्शन में किया जाता है 

Co -axial cable 

Fiber Optical Cable 

यह केबल प्रकाश के पूर्ण आतंरिक परावर्तन के आधार पर कार्य करता है इसके संचरण उर्जा की खपत अत्यंत कम होती है यह रेडियो आवृति अवरोधों से मुक्त होता है अतः इसके साथ रिपीटर की जरुरत नहीं होती फाइबर ऑप्टिकल केबल में ग्लास या प्लास्टिक का बना तंतु होता है जो लेज़र डायोड द्वारा उत्पन्न संकेतो युक्त प्रकाश को एक स्थान से दुसरे स्थान तक ले जाता है प्रकाश को पुनः संकेतो में बदलने के लिए फोटो डायोड का प्रयोग किया जाता है 

Fiber optic cable

,

कंप्यूटर पर नेटवर्क डिवाइस जैसे मॉडेम, टेलीफ़ोन ,राउटर आदि को आपस में ईथरनेट केबल के माध्यम से जोड़ा जाता है यह इंटरनेट प्रोटोकॉल का प्रयोग करता है इसकी सहायता से स्थानीय नेटवर्क बनाया जा सकता है | एक ईथरनेट केबल 100 मीटर तक कार्य करता है पर इस नेटवर्क को ब्रिज डिवाइस की सहायता से बढाया जा सकता है 


Communication Satellite क्या है , यह कार्य कैसे करता है 

मानव निर्मित उपग्रह कंप्यूटर नेटवर्क और टेलीफ़ोन लाइन को एक साथ जोड़ने में सहायता प्रदान करता है यह दूर देशो तक संचार उपलब्ध कराने में सक्षम है Satellite एनालॉग तथा डिजिटल सिग्नल को Convert कर सकता है संचार उपग्रह दो आकृतियों पर कार्य करता है –
(C – Band ) = 4-6 GHz  
(KU – Band ) = 11-14 GHz 
Man Made satellite 

IMEI  नंबर क्या होता है 

IMEI का पुरा नाम (International Mobile Equipment Identity) अर्थात अंतरास्ट्रीय मोबाइल उपकरण , यह एक 16 या 17 अंक का एक सीरियल नंबर होता है जो मोबाइल के मॉडल नंबर उसके बनाने के उपकरण तथा मोबाइल के सीरियल नंबर के बारे में लिखा होता है 

IMEI के फायेदे    

किसी भी IMEI नंबर के द्वारा उस मोबाइल फ़ोन का वर्तमान पता लगाया जा सकता है यदि किसी व्यक्ति का फ़ोन खो जाता है उस फोन का करंट लोकेशन IMEI नंबर के द्वारा ही पता लगाया जाता है यदि आप अपने मोबाइल फ़ोन का IMEI कोड पता करना हो तो अपने फोन में *#06# प्रेस करेंगे तो आपके फ़ोन का EMEI नंबर दिख जायेगा ,

Important Website Name 

  1. Bhulekh.com – यह भारत सरकार द्वारा जारी किया हुआ वेबसाइट है जहा से भारत के किसी भी राज्य के भूमिधर भूमि का विवरण प्राप्त किया सा जा सकता है 
  2. Gmail.com – यह Google का एक प्रोडक्ट है जहा से हम ऑनलाइन डाटा ,मल्टीमीडिया फाइल , ऑडियो फाइल इत्यादि फाइल Send तथा Receive कर सकते है 
  3. uppcl.com ( Uttar pradesh power corporation Limited ) – यह उत्तर प्रदेश के विजली विभाग का वेबसाइट है जहा से हम अपने अकाउंट का विवरण देख सकते है  तथा bill जमा कर सकते है 
  4. UPMSP(uttar pradesh madhyamik shiksha parishad) – यह वेबसाइट शिक्षा परिषद् द्वारा जारी किया गया है जहा से उत्तर प्रदेश का कोई छात्र जो UP BOARD से हो अपना परीक्षा फल ज्ञात कर सकता है 
  5. Bhunaksha.com – 
  6. fcs / Ration Card 
  7. uid (unique Identity)
  8. upcitizen service 
  9. onlineplan plus 
  10. whatsappweb.com
  11. Android Device Manager 
  12. upparivahan / E-sharthi 
  13. Passport seva.com
  14. IRCTC ( Indian Railway Catering Tourism Corporation )
  15. Goibibo
  16. Paytm.com
  17. Amazon.in
  18. Flipcart.in
  19. zamzar.in
  20. The Internet Map
  21. The Submarine Cable 
  22. Print Friendly 
  23. Qr-code Generator 
  24. Soft32.com
  25. Soft98.ir 
  26. 10 minute mail .com
  27. Weave silk .com
  28. Pointer pointer .com
  29. Staggering Beauty 
  30. Remove bg
  31. Dictation ( shruti lekhan )
  32. Altarnative to 
  33. Supercook.com
  34. File Hippo (pc software )
  35. Encient time globe 
  36. Strobe.cool 
  37. Real time hacking 
  38. Infinite zoom.com 
  39. Essaytyper.com
  40. Anydesk.com
  41. Pricetracker.com
  42. Snap Bubble .com
  43. Rainy mood 
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